Life एक race है। एक दौड़ है । ऐसी दौड़ जहां रास्ते मे बहुत सारी बाधाएं आती है। और उनका आना निश्चित है। अगर problems न आये तो जीवन बैरंग और नीरस हो जाएगा।
यह दौड़ हर किसी की नियति है लेकिन इस नियति को adventure में सिर्फ वही बदल सकता है जो रास्ते में आई बाधाओं को बिना टाले, समय रहते पार कर ले अन्यथा ये बाधाएं बहुत ही विकराल रूप धारण कर लेती हैं और तब हमारे सामने फिर से आती हैं जब हमारे पास कोई solution नहीं होता।
अगर हम इन problems को तभी solve कर दे जब वो हमारे सामने आए और उनको टालते न रहे तोह निश्चित रूप से इस जीवन रूपी दौड़ की विजेता बनने से हमें कोई रोक नहीं सकता।
इसी बात पर एक छोटी सी कहानी पढ़िए।
एक 8 साल का बच्चा अपने पापा के साथ रोज़ शाम को सैर पर जाया करता था। इसी तरह की एक सुहानी शाम थी, जब उस बच्चे ने अपने पापा से कहा, " पापा चलिए दौड़ लगते हैं, हम दोनों में से जो भी इस सड़क के अंत तक पहले पहुंचेगा वही दौड़ का विजेता होगा।"
पापा ने बात मान ली और दौड़ के लिए तैयार हो गए। दौड़ शुरू हुई। कुछ देर के बाद पापा रुक गए और बैठ गए। पापा को रुका हुआ देखकर बच्चा बोला, " पापा, क्या हुआ? आप रुक क्यों गए?"
पापा ने कहा, " मेरे जूतों में कुछ कंकर फंस गए हैं बाद उन्हें ही निकाल रहा हूं। "
पापा की बात सुनकर बच्चा बोला, " अरे पापा, कंकर तोह मेरे जूतों में भी हैं लेकिन में अगर उनको निकलने के लिए रुका तोह दौड़ हार जाऊंगा। इसीलिए कंकरों को निकालने का अभी मेरे पास समय नहीं है।"
इतना कहकर बच्चा दौड़ में बढ़ गया और कंकर निकलने के बाद पापा भी आगे दौड़ने लगे।
थोड़ी देर बाद बच्चे की दौड़ने की रफ्तार धीमी पड़ गयी। पापा आगे निकल गये लेकिन अब बच्चा जोर जोर से रोने लगा और पापा को पुकारने लगा।
जब पापा बच्चे के पास आये उन्होंने देखा बच्चा जोरों से तो रहा था और कह रहा था कि वो अब और नहीं दौड़ सकता क्योंकि उसके पैरों में बहुत दर्द हो रहा।
जब पापा ने अपने बेटे का जूता निकाला तो वो हैरान रह गए क्योंकि उसके पैरों से खून निकल रहा था। वह उसे घर ले गये और मरहम पट्टी की। फिर उन्होंने बच्चे को समझाया कि जब उसे कंकर चुभ रहे थे तभी उसे उन कंकरों को निकाल लेना चहिये था जैसा कि उन्होंने किया, जबकि बच्चे ने समझा अगर वह कंकर निकलने बैठ जाएगा तो दौड़ हार जायेगा। इसी सोच की वजह से कंकरों ने उसके पैरों में गहरे घाव कर दिये और वो दौड़ पूरी नही कर सका।
उसी तरह अगर हमारी लाइफ में कुछ problems आये तो हमें उसी समय उनका solution ढूंढ कर उनको खत्म कर देना चाहिए न कि यह कहकर उसे टालना नहीं चाहिए कि अभी टाइम नहीं है क्योंकि यही छोटी छोटी problems आगे जाकर एक बड़ी समस्या का रूप ले लेती है और हमारी असफलताओं का कारण बनती है ।
किस परेशानी पर रुककर उसे दूर करना है और किस परेशानी को नज़रअंदाज़ करना है, इस बात की परख हम में होनी चाहिए। Life is a race और इस रेस का विजेता वही होगा जो समझदारी से परेशानियों को दूर करता मंज़िल को और बढ़ता रहेगा।

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