5 things it's high time for women to know!!!! 5 महत्वपूर्ण बातें जो अब महिलाओ को जान लेनी चाहिए। International women's day special


आज International women's day है I

आज पूरी दुनिया में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके समाज में योगदान की चर्चा होगी , उनकी तारीफ होगी। कुछ को सम्मानित किया जाएगा as successful female entrepreneur, first female professional etc. क्या आपने कभी सुना first male entrepreneur, male professional?



क्यों नहीं? क्योंकि हम महिलायें अलग हैं ,साधारण नहीं हैं। बहुत अलग हैं। हमें अलग माना जाता है और जब कुछ लोग  होते हैं तो उनके लिए नियम और कायदे भी होते हैं ।हम इतने अलग हैं कि घर परिवार समाज का हर काम हम औरतों के जिम्मे में ही होता है।


सोचिए ऐसा क्या है जो पुरुष के हिस्से में रखा गया है?  फिर भी स्त्री की कोई मुकम्मल पहचान नहीं ,क्यों?क्योंकि ऐसा वह खुद चाहती है। श्रेय लेना तो आता नहीं तो कोई बात नहीं पर स्त्री को अपने हिस्से में खुशियां और मान रखना भी नहीं आता ।

जहां मौका मिलता है खुद को मिटाने के लिए तैयार हो जाती हैं। त्याग करने की कोई स्पर्धा समाज में नहीं चल रही !!


हाल ही के एक survey से यह खुलासा हुआ है कि दुनिया में सबसे ज्यादा महिलाएं 87% भारतीय महिलाये हैं जो कि तनाव में रहती हैं। जबकि अमेरिका में, केवल 53% महिलाये ही तनाव ग्रसित हैं।


अब आप ही सोच कर बताइये की क्या इस तनाव का कारण बताने की जरूरत है? 



जब घर मे लड़की का जन्म होता है  तो बचपन से उस पे एक बोझ सा होता है , बोझ सब कुछ सीखने का, सब कुछ कर सकने योग्य बनने का। पढ़ाई करो, नौकरी भी करो, पैसे कमाओ और घर भी चलाओ। शादी के बाद बच्चों को पैदा करने से लेकर बड़े करने तक कि जिम्मेदारी भी उन्ही की होती है। वो माँ, बहन, पत्नी, बेटी, भाभी , सारे roles को बखूबी से निभाती है और हम उस की इस बात की तारीफ नहीं करते  लेकिन उसकी जिम्मेदारी समझते हैं। हम समझते हैं कि उसका काम है कि वह घर के सारे काम भी करें और आजकल तो जरूरत पड़ने पर पैसे भी कमा लाये है । आप ही बताइए क्या आप महिलाओं के बिना जीवन की कल्पना कर सकते हैं?



भारतीय समाज में बेटों को बचपन से ही सिखाया जाता है कि ,तुम घर का काम करके क्या करोगे रहने दो,मां या बहन कर लेगी।


उन्हें एक चाय का कप बनाना तक नहीं सिखाया जाता। सोचा जाता है इसका काम थोड़ी है ,यह लड़कियों का काम है और आजकल भारतीय समाज मॉडर्न हो गया है अब लड़कियों को पैसे कमाना भी आना चाहिए , उन्हें नौकरी भी करना चाहिए लेकिन लड़कों के हिस्से में लड़कियों वाले एक भी काम आज भी नहीं आते।




मुझे भारतीय समाज पर कभी-कभी दया आती है कि हमने अपने लड़कों को इतना भी जिम्मेदार नही बनाया की खुद के काम कर सकें और लड़कियों को इतना शक्तिशाली बनाया है की वो अपना घर परिवार पूरी समझदारी से बखूबी संभाल लेती हैं।




मीडिया कहता रहता है कि लड़कियों को सशक्त करिए , लड़कियों को सशक्त करिए ।असलियत तो यह है कि हमें लड़कों की सोचने समझने की ढीली पड़ी शक्ति को सशक्त करने की जरूरत है।


लड़कियां तो वैसे ही सशक्त होती हैं और हम उन्हें सशक्त कर भी लेते हैं,उनसे हजारों उम्मीद रख कर।




आज मैं लड़कियों से कुछ बात करना चाहती हूं ।

मैं उनसे कहना चाहती हूं कि त्याग की मूर्ति बनना कोई जरूरी नहीं है,अपने लिए जीना सीखना होगा। उन्हें देखना होगा कि उनके घर , उनके पति और उनके बच्चों के अलावा भी उनकी एक जिंदगी है जो सिर्फ उनकी है। उन्हें अपने लिए सोचना होगा।


और उसके लिए ; आज ये 5 बातें समझ और जान लीजिये :


1. कभी भी मत सोचो कि आप शक्तिहीन हैं; यदि कोई आपको पसंद नहीं करता है उसके लिए हर वक़्त उसी सोच में रहना जरूरी नही। आप जैसे हैं यदि आपको लगता है सही हैं तो दुसरो का विचार छोड़ दें । यदि किसी का बुरा न करने और सोचने पर भी कोई आपको पसंद नही करता तो यह उसकी समस्या है, आपकी नहीं।


2. अगर आप job पर अच्छा काम कर रहे हैं और आपका बॉस आपको महत्व नहीं देता है, तो उसे बताओ, एक कोशिश जरूर करो और अगर बात न बने तो छोड़ो उसे। प्रतिभाशाली, मेहनती लोग वैसे भी ज्यादा demand में हैं।


3. अपने आप को शिक्षित करें, नई techniques सीखें, आर्थिक रूप से भी स्वतंत्र होने के तरीके का पता लगाएं तो अगली बार जब आपको कोई बताता है कि आप सिर्फ घरेलू स्त्री हैं तो आप जवाब दे सकें।



4.  परिवार और काम की दोहरी जिम्मेदारी के बारे में कभी भी मन मे कोई guilt महसूस नहीं करिये। हर दिन घर साफ हो,बच्चे समय पर स्कूल पहुंचे , खाने में चार व्यंजन बने , बच्चे समय पर रात को सो जाएं।
ये सारी जिम्मेदारियां सिर्फ आप की नहीं है और अगर है भी तो सभी दिन एक जैसे हो ऐसा जरूरी नहीं है ठीक है कभी कोई दिन ऊपर नीचे हो जाता है । अगर नौकरी में इस महीने आपकी promotion नहीं हुई तो अगली बार हो जाएगी। हर बात को आप perfectly 100% manage  नहीं कर पायी तो जितनी भी percent करती हैं काफी है। क्योंकि एक बात तो पक्की है आपकी कोशिश में कोई कमी नही है।



5. और आखिरी बात आप एक मां है , पत्नी हैं, बहन है ,बेटी है और अपने इन्हीं roles को निभाने के लिए हर संभव कोशिश करती हैं,हर वक्त करती रहती हैं और इसी कोशिश में अगर कभी आप बेस्ट नहीं बन पाती तो किसी से कंपटीशन करने की जरूरत नहीं है । याद रखिये। आप अपने आप में unique है ।आप जैसा कोई हो ही नहीं सकता बस यही मान कर चलिए।


अपने आप को बताएं कि आप खूबसूरत हैं, अपनी पूरी कोशिश करें और शांतिपूर्ण जीवन जीयें। इस धरती पर आने का आपका उद्देश्य हर किसी को खुश करना नहीं है ।आपका उद्देश्य सिर्फ एक अच्छा जीवन है। और वही जरूरी भी है। जब आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगी तभी तो समाज की सोच को बदल पायेंगी। खुद को जानिये। 
So

Happy International Self-Realization Day!!!!


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